Detailed Notes on shayari badmashi

सब्र करो एक दिन हमारी भी ऊंची औकात होगी!

हम वो हैं जो सामने वाले की अकड़ निकाल दें,

हम तो वैसे ही खतरनाक हैं जैसे दिखते हैं।

हमारी नफ़रत भी लोगों के लिए आज़ाब रहती है ⚡,

बदमाशी हमारी, किसी की समझ से परे होती है।

क्योंकि अब मैं नए अंदाज में मिलने वाला हु…!

बदमाशी हमारी आदत नहीं, विरासत होती है !!

तुम्हारी मौत आ गयी है, क्योंकि यमराज तो अपना छोटा भाई है।

जिगर वाले का डर से कोई वास्ता नहीं होता

जिद्द पे आए तो समंदर भी पार कर जाते हैं,

हम दुश्मनों को नहीं, उनके गुरूर को हराते हैं ,

अंदाज़ ऐसा रखो कि दुश्मन भी सोच में पड़ read more जाए,

ना खुद कुछ कर पाए, ना हमें झुका पाने की रवानी है।

Use this Badmashi Shayari to specific your individuality, make bold statements, and go away an enduring impact wherever words make a difference greater than sound.

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